Importance of Prayer
प्रार्थनासे बुद्धि शुद्ध होती है। देवताओंकी प्रार्थनासे दैवीशक्ति प्राप्त होती है।
प्रार्थना हृदयसे होनी चाहिये। निरन्तर, आदरपूर्वक, दीर्घकालतक होनेसे वह सफल होती है।
प्रार्थना करनेसे शारीरिक क्लेशोका भी शमन होता है और कामना की पूर्ती होती है।
