Bas Ho Gaya Bhajan

मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन
आदत बुरी सुधार लो, बस हो गया भजन

आये हो तुम कहा से, जाओगे तुम कहाँ
इतना तो दिल विचार लो, बस हो गया भजन

कोई तुम्हे बुरा कहे, तुम सुनकर करो क्षमा
वाणी का स्वर सुधार लो, बस हो गया भजन
मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन

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Is Yogya Hum Kaha Hai

इस योग्य हम कहाँ हैं, भगवन तुम्हें मनायें।
फिर भी मना रहे हैं, शायद तू मान जाये॥
जबसे जन्म लिया है, विषयोंने हमको घेरा।
छल और कपटने डाला, इस भोले मन पे डेरा।
जब तेरा ध्यान लगायें, माया पुकारती है।
सुख भोगनेकी इच्छा, कभी तृप्त हो न पाये॥
इस योग्य हम कहाँ हैं, भगवन तुम्हें मनायें।

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